अगर आपके पशु में खुरपका-मुंहपका (FMD) के लक्षण जैसे मुंह में छाले, लार टपकना, खुरों में घाव, बुखार या लंगड़ापन दिखाई दें, तो तुरंत पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें और नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क करें। समय पर उपचार, उचित देखभाल और नियमित FMD टीकाकरण से बीमारी के फैलाव को रोका जा सकता है और पशु जल्दी स्वस्थ हो सकता है।
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