इसकी दवाई क्या दें?
थनैला में दवा की जरूरत जल्दी होती है। अभी बीमार थन का दूध अलग निकालते रहिए, पूरा थन खाली रखिए, और थन को साफ गुनगुने पानी से धोकर सूखा रखिए। मक्खी और गंदगी से बचाइए। अगर थन गरम, सख्त, दर्द वाला है या दूध में फट्टी, पानी जैसा या खून मिला है, तो आज ही पशु चिकित्सक से दिखाइए। दवा में आमतौर पर एंटीबायोटिक और सूजन कम करने की दवा लगती है, लेकिन सही दवा और तरीका जांच के बाद ही तय होता है। यह अभी कर लेने से दूध की बड़ी हानि बचती है, वरना एक थन स्थायी रूप से सूख सकता है।
Region: Bargawan BO, BAREILLY, UTTAR PRADESH

