शायद बुखार हो सकता है, बिल्कुल बारीक सी लार निकली पतली सी , जैसे इंसान की लताओं जाती है अभी हुआ है ,
खुरपका-मुँहपका की शुरुआत लग रही है। अभी उसे अलग बाड़े में रखिए, नरम चारा दीजिए, साफ पानी बार बार पिलाइए, और मुँह में छाले या खुरों के बीच घाव हैं या नहीं, ध्यान से देखिए। अगर मुँह में जलन हो तो हल्के गुलाबी पोटैशियम परमैंगनेट के पानी से मुँह धीरे से धोइए और छालों पर थोड़ा ग्लिसरीन या शहद लगा दीजिए। बुखार हो तो ठंडी छांव में रखें, भीड़ से दूर रखें, और दूध दुहते समय साफ हाथ रखें ताकि संक्र���ण न फैले। अगर चलने में दर्द, खुरों में लंगड़ाहट, या लार बढ़ती जाए तो आज ही पशु चिकित्सक दिखाइए। यह बीमारी दूध और काम दोनों में नुकसान करती है, इसलिए जल्दी संभालना जरूरी है।
Region: Sheohar BO, MAHOBA, UTTAR PRADESH

