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यह पुरानी बीमारी लग रही है, और एक साल से चलने पर अब पूरा जांच कराना जरूरी है। अगर बुखार आता जाता रहता है, तो लंबे संक्रमण, थन की पुरानी सूजन, जिगर या पेट के कीड़े, या टिक जनित बीमारी की संभावना रहती है। अभी उसे अलग रखें, साफ पानी और अच्छा हरा चारा दें, और अगर दूध दे रही है तो दूध कम होने, थन गरम होने, खांसी, दस्त, या वजन घटने पर खास ध्यान दें। घर पर कोई दवा अपने मन से न दें। पशु चिकित्सक से खून क�� जांच, गोबर की जांच, थन की जांच और शरीर का पूरा परीक्षण कराइए। अगर वह खाना कम कर रही है, बहुत कमजोर है, या बुखार रोज लौट रहा है, तो आज ही पाशु वेट की बुकिंग करें। इलाज में देरी से दूध का नुकसान और शरीर की कमजोरी बढ़ती जाती है। Consult a veterinarian before administering any medicine or treatment.
Region: Ajhaur BO, BEGUSARAI, BIHAR
