Hamari gaaye pheli baar byaane ke baad uska baccha turant mar gya or lampi disease ho gyi or doodh dete waqt bhut laat maarti h
यह प्रसव के बाद का तनाव और थन में दर्द या लैंपी के बाद की कमजोरी लग रही है। पहले गाय को अलग, साफ और शांत जगह पर रखो। थन को हल्के गुनगुने पानी से साफ करो और दूध निकालते समय बहुत धीरे काम करो। अगर थन गरम, सख्त, सूजा हुआ है या दूध में खून, फाहे या पानी जैसा बदलाव है, तो थनैला भी हो सकता है। लैंपी के बाद कई गायें छूने पर लात मारती हैं क्योंकि शरीर में दर्द रहता है। दूध दुहते समय पीछे से मत जाओ, बगल से जाओ, और पैर बांधकर ही दुहाई करो ताकि चोट न लगे। अगर बुखार है, खाना कम है, या थन बहुत दर्द कर रहा है, तो आज ही पशु चिकित्सक से दिखाओ। मृत बछड़े और प्रसव के बाद के स्राव को हाथ से बिना दस्ताने न छुओ। अगर दूध कम हो रहा है या थन में सूजन है, तो जल्दी इलाज से दूध का नुकसान बचता है।
