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बुखार के साथ भूख कम होना है। अभी सबसे पहले गाय को अलग, छायादार और शांत जगह रखिए। साफ पानी बार-बार दीजिए। अगर वह खड़ी है तो आराम से चलाइए, और अगर लेटी है तो छाती के बल सीधी करवाइए। मुंह, नाक, खुर और थन ध्यान से देखिए कि कहीं छाले, घाव, सूजन, खांसी, नाक से पानी, या जुगाली बंद तो नहीं। अगर गोबर बहुत कम है या पेट फूला है तो तुरंत ध्यान देना होगा। यह साधारण वायरल बुखार, शुरुआती एफएमडी, पेट की गड़बड���ी, या किसी संक्रमण की शुरुआत हो सकती है। आज ही पशु चिकित्सक से दिखाइए, क्योंकि बुखार के साथ चारा बंद होना एक दिन में बिगड़ सकता है। जब तक जांच न हो, कोई दवा खुद से मत दीजिए। अगर पानी नहीं पी रही, खड़ी नहीं हो रही, या बुखार बढ़ रहा है तो तुरंत पाशु वेट बुक कीजिए या एक सौ निन्यानवे दो पर कॉल कीजिए।
Region: Deewanganj BO, PRAYAGRAJ, UTTAR PRADESH
